मासिक विज़िट
शेयर मोबाइल
फ्रेंड्स, Inc
स्टूडेंट डिस्काउंट
💢बोनस मोबाइल💢आगरा। उज्जैन के श्रीबालमुकुंद आश्रम के इंडोर हॉल में आयोजित तृतीय महाकाल ओपन राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में आगरा के खिलाड़ियों ने जिले का गौरव बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए ताइक्वांडो मास्टर पंकज शर्मा, संतोष कुमार सिंह, प्रदीप गौर, माधव गौतम, प्रशांत कुशवाह, सुदर्शन देबनाथ, इशांत कुमार और गौरांशी कटारा ने स्वर्ण पदक, जतिन बघेल ने रजत और मितुल ने कांस्य पदक जीते। जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष डॉ. एमसी शर्मा और संगीता शर्मा ने खिलाड़ियों को बधाई दी है।
️गेट अर्न,भारत–नेपाल सीमा पर रुपईडीहा एसएसबी चेक पोस्ट के पास सोमवार को पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में लाल-नीली बत्ती व हुटर लगी इनोवा क्रिस्टा कार से नेपाल जाने की कोशिश कर रहे पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी स्वयं को सचिवालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर हाई-प्रोफाइल तरीके से सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सुपर कमाई, MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
जिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
सारबरेली में कन्हैया गुलाटी समेत पांच लोगों के खिलाफ बारादरी थाने में एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अयोध्या के पांच लोगों ने यह मामला दर्ज कराया है, जिसमें गुलाटी और उसके गैंग पर 2.32 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है।
अतिरिक्त वॉच, विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
फ्री टास्क
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
कम्पलीट, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:15 AM IST







