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️पॉइंट्स कलेक्ट,सारसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
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चहनिया। भुपौली पंप कैनाल से नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि नवंबर में भारी बारिश के चलते अभी खेतों में पर्याप्त नमी है। इस कारण गेहूं की बुआई दिसंबर के अंतिम सप्ताह व जनवरी के प्रथम सप्ताह में की गई। ऐसे में नहर में पानी छोड़े जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। लगभग 2 प्रतिशत किसान अपनी फसलों को भरने के लिए टेल पर पानी ले जाना चाहते हैं और कुलावे को खुला छोड़ दे रहे हैं। जिससे अन्य किसानों की फसलें डूब जा रही हैं, जिससे आए विवाद हो रहा
पुराना कमेंट, सारग्वालियर हाईकोर्ट के एडवोकेट अनिल मिश्रा ने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पुलिस पर भीम आर्मी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। मिश्रा ने कहा कि बिना जांच तीन निर्दोष युवकों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं और एफआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
कूपन सारVaishali Crime: वैशाली में बर्थडे पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग की सूचना पर पुलिस ने छापामारी कर नौ युवकों को गिरफ्तार किया। एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस और एक मिस फायर गोली बरामद हुई। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
कम्पलीट, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







