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💢ऐप विज़िट💢बलरामपुर। साधन सहकारी समिति लिमिटेड शिवपुरा (अमवा) के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने सहकारिता विभाग के एडीसीओ पर उर्वरक वितरण रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
️अल्ट्रा विज़िट,बारां के अंता विधानसभा उपचुनाव के बाद छबड़ा से भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने पार्टी द्वारा की गई उपेक्षा पर नाराजगी जताई है। उनकी यह नाराजगी वायरल हो रहे एक पत्र से सामने आई है जो उन्होंने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को लिखा था। पत्र में सिंघवी ने अपना दर्द बयां किया है कि उपचुनाव के दौरान उन्हें प्रचार सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि उनसे कनिष्ठ दो विधायकों के नाम सूची में रखे गए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गला रेते जाने से प्रेमी युगल की मौत हुई है। साथ ही शरीर पर कई जगह पिटाई के निशान भी पाए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद गांव गढ़िया सुहागपुर में युवक का शव पहुंचते ही चीत्कार मच गया।
विशेष कलेक्ट, मुंबई से इंदौर के लिए चली एक निजी ट्रैवल्स की बस में आईटी प्रोफेशनल युवती के साथ हुई छेड़छाड़ का मुख्य आरोपी 11 दिन भी फरार है। शिकायत पर सेंधवा ग्रामीण थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा के ज्ञानी किशोर सिंह, बस ड्राइवर मुकेश और कंडक्टर कल्लू मिरासी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन दिन पूर्व मामले में दो आरोपी मुकेश और कल्लू मिरासी को गिरफ्तार कर बस को जब्त किया। ड्राइवर और क्लीनर की जमानत बड़वानी कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दी।
आंवला। किसानों ने इफको पर वादाखिलाफी और भूदाताओं को रोजगार नहीं देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर सोमवार को एसडीएम कार्यालय में भाकियू टिकैत, इफको प्रतिनिधि व तहसीलदार के बीच काफी देर तक वार्ता हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद अब अगली बैठक दो सप्ताह बाद होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।
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पुराना डाउनलोड इंदिरा सागर परियोजना से प्रभावित किसानों को भू-अर्जन मुआवजा न मिलने पर अब बड़वानी का प्रशासनिक तंत्र संकट में है। न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय की भूमि कुर्क कर नीलामी की चेतावनी दी है।
आगरा। पैर रखने पर आरामदायक एहसास कराना ही आगरा के गलीचे (कारपेट) की खासियत है, लेकिन पारंगत कारीगरों और सब्सिडी की कमी से गलीचा कारोबार दम तोड़ रहा है। इसके बाद अमेरिकी टैरिफ ने कारोबार को और झटका दिया। उद्यमियों का कहना है कि कारीगरों के लिए एडवांस ट्रेनिंग सेंटर, सब्सिडी बढ़ाने और ओडीओपी में शामिल करने से गलीचा कारोबार को गति मिल सकती है।
ईज़ी, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 22 Dec 2025 02:30 PM IST







