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💢अर्न💢अकबरपुर के मखदूमपुर क्रासिंग में रेलवे फाटक बंद होने के बाद लगा जाम
️डाउनलोड कूपन,वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 12:57 AM IST
जिले के हीरजी दईडा गांव में रविवार को एक किशोर पर हमला कर घर में घुसे लेपर्ड की कुछ देर बाद हुई मौत का कारण सामने आ गया है। लेपर्ड की मौत भूख से हुई थी। पेट खाली होने और फेफड़ों में पानी भरने से सेप्टीसीमिया के लक्षण भी सामने आए हैं।
अर्न, अजमेर दरगाह में खादिम लाइसेंस प्रक्रिया पर सन्नाटा- फोटो : अमर उजाला
सारBanswara News: बांसवाड़ा में चेक बाउंस मामले में अदालत ने विक्रम दर्जी को दोषी मानते हुए 4.50 लाख रुपये अर्थदंड और 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। पीएमईजीपी योजना के तहत लिए गए ऋण के भुगतान से आरोपी के बचने को कोर्ट ने जानबूझकर प्रयास माना।
अतरौलिया। थाना क्षेत्र में सोमवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने इलाके में कोहराम मचा दिया। एक हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरे हादसे में एक किशोरी समेत दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
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विस्तारFollow Usसिवाना उपखंड क्षेत्र के तेलवाड़ा गांव की सरहद में रविवार को सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने एक खेत में कंकाल जैसी हालत में पड़े शव को देखा। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों की सूचना पर सिवाना थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शुरुआती जांच और पहचान प्रक्रिया के बाद मृतक की पहचान जालोर जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के ऐलाना गांव निवासी 30 वर्षीय बूटाराम पुत्र खेकाराम भील के रूप में की। बूटाराम पिछले करीब एक सप्ताह से लापता था और परिजनों ने पहले ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
मासिक बोनस, विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।







