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💢इनवाइट लाइक💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Tue, 25 Nov 2025 06:15 PM IST
️पुराना फ्रेंड्स,केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की पहल पर देश में पहली बार 200 किमी लंबी 'वेदांता टूर डी थार' अंतर्राष्ट्रीय साइक्लिंग रेस का आयोजन बीकानेर में किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार सुबह 08.15 बजे नौरंगदेसर में साइक्लिंग रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, खाजूवाला विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल, डूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, लालेश्वर महादेव मंदिर के महंत विमर्शानंद, फ्रांस से आए पीयर गिरबॉड सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
छोटा फ्री, विस्तारFollow Usबैतूल जिले की जिला जेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां सात साल की सजा काट रहे कैदी प्रकाश बाबूराव सतपुते की रिहाई तय होने से ठीक पहले अचानक मौत हो गई। प्रकाश मूल रूप से मुलताई क्षेत्र के घाट-अमरावती का निवासी था और वर्ष 2022 में धारा 304(बी) के तहत सात वर्ष की सजा के लिए जेल भेजा गया था।
Dantewada News: केंद्र की मोदी सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें संशोधन के खिलाफ शनिवार को स्थानीय राजीव भवन दंतेवाड़ा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पीसीसी के संयुक्त महामंत्री उमाशंकर शुक्ला ने कहा मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इनवाइट मोबाइल, खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 16 से 22 दिसम्बर तक,पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी क
गेम पॉइंट्स हरियाणा में सोमवार की सुबह शीत लहर से हुई। रविवार को जीटी रोड के जिलों, सोनीपत, नारनौल समेत अनेक स्थानों पर सुबह के समय कोहरा छाया रहा।
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:59 PM IST
स्टूडेंट इनवाइट, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







