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💢दैनिक सब्सक्राइब💢सारWeather Alert: डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ते ठंड को लेकर हर हाल में सावधानी बरतें। भूखे पेट बाहर नहीं निकलें। पूरी तरह से गर्म कपड़े पहन कर ही घर से बाहर निकलें। दिल के मरीजों को हमेशा अपने साथ दवाओं की एक खास किट रखनी चाहिए, जो हार्ट अटैक की स्थिति में जान बचाने वाली हो सकती है।
️पुराना स्टूडेंट,एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) फिरोजपुर ने एक महिला और व्यक्ति को सिंथेटिक ड्रग्स मेथामफेटामाइन (आइस) के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल की कर्मचारी है। पुलिस ने उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
T20 WCविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'
विन, विस्तारFollow Usछतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही का कहर एक मासूम बच्चे की जान पर बन आया। ग्राम कुसमा में बुधवार को अनियंत्रित 108 एंबुलेंस ने घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय मासूम को कुचल दिया। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Fri, 02 Jan 2026 06:45 PM IST
छत्तीसगढ़ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल के हथबंद–तिल्दा नेवरा रेलखंड पर चल रहा रोड अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण कार्य यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनने वाला है। इस सेक्शन में तकनीकी कार्य के चलते रेलवे ने सीमित अवधि के लिए ट्रैफिक पावर ब्लॉक लिया है, जिससे कई यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:57 PM IST
शेयर, चंपापुरी स्थित जलघर में बनाया गया नया भंडारण टैंक।- फोटो : 1
मेगा कमाई चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह में किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह और आशाओं के साथ इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
बड़ा कम्पलीट, गोल्डी ढिल्लों गैंग के दोनों शूटर।- फोटो : अमर उजाला







