स्टूडेंट लॉग इन
फ्री कम्पलीट
बोनस, Inc
डायमंड इनवाइट
💢लॉग इन💢चंबा। 15 से 49 वर्ष के आयु वर्ग में एचआईवी/एड्स के मामले सबसे अधिक पाए गए हैं। यह बात जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने कही। इस दौरान उन्हाेंने इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
️मासिक सर्वे,अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौरPublished by:मोहम्मद मुस्तकीमUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशालीPublished by:तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:08 PM IST
सिल्वर विज़िट, चुराह (चंबा)। चुराह ब्लॉक के तीसा क्षेत्र के 30 किसान पालमपुर में मशरूम उत्पादन के गुर सीखेंगे। द हंस फाउंडेशन और एलआईसी एचएफएल के संयुक्त तत्वावधान में तीसा क्षेत्र किसानों का समूह मशरूम विकास परियोजना केंद्र पालमपुर, जिला कांगड़ा को रवाना हुआ। यह प्रशिक्षण 12 जनवरी से 16 जनवरी तक पांच दिन तक चलेगा।
चंडीगढ़। शहर में क्रेश संचालन के नाम पर हुए खर्च में बड़ी अनियमितता सामने आई हैं। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड की ऑडिट जांच में 24.59 लाख रुपये का खर्च इनएडमिसिबल (अमान्य) करार दिया गया है। यह खुलासा वर्ष 2021-22 के दौरान 50 क्रेच के संचालन के लिए जारी अनुदान की जांच में हुआ।
TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
सारबिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेलवे प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, कोटमी सोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें एक साथ नजर आने से हड़कंप मच गया।
लॉग इन वेरिफाई, सदर थाना पुलिस ने नकली सोना देकर धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 500 रुपये की राशि भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि रामनगर कंजर कॉलोनी क्षेत्र में नकली सोना देकर धोखाधड़ी करने की शिकायत पर कार्रवाई की गई। इस मामले में विनोद, मेवाराम और सुकेन्द्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सस्ते दामों पर असली सोना देने का लालच देकर लोगों से ठगी करते थे और असली की जगह नकली सोना थमा देते थे।
बोनस संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:32 AM IST
विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
साप्ताहिक इनवाइट,







