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️पैसे अर्न,चंबा। पांगी घाटी में इस बार जुकारू उत्सव 18 फरवरी को शुरू होगा। हालांकि 22 फरवरी यह आधिकारिक रूप से मनाया जाएगा। इसके सफल आयोजन को लेकर रविवार को पांगी कल्याण संघ इकाई की बैठक में चर्चा की गई। संघ के अध्यक्ष भगत बडोतरा ने बताया कि जुकारू कमेटी का चयन भी कर लिया गया है। बैठक में पांगी के दो ज्वलंत मुद्दे, जिसमें अलग विधानसभा की मांग और चेहनी पास सुरंग के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही चंबा में बनने वाले पांगी भवन के निर्माण को लेकर सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। इन सभी मांगों को लेकर संघ जल्द ही केंद्र व प्रदेश सरकार के ध्यान में लाएगा। इस मौके पर बंसी ठाकुर, राम लोक ठाकुर, लेख राज ठाकुर, प्रेम लाल ठाकुर और वीआर भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।चंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवाद
सारमाओवादी विरोधी अभियान में शहीद आरक्षक दिनेश नाग की पत्नी पूजा नाग को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत 1.10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में यह आर्थिक सहायता परिवार के लिए संबल और सम्मान का प्रतीक बनी।
कम्पलीट, USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
विस्तारFollow Us।छत्तीसगढ़ भवन में उस समय राजनीति का एक दुर्लभ और सुखद दृश्य देखने को मिला, जब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव से मिलने प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पहुंचे इस मुलाकात के दौरान मंत्री अग्रवाल ने पूर्व उपमुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। वहीं, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी पैर छूकर राजनीतिक शिष्टाचार और संस्कारों का निर्वहन किया। यह दृश्य विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनावों में यही दोनों नेता एक-दूसरे के आमने-सामने थे। राजेश अग्रवाल ने टीएस सिंह देव को हराकर पहली बार विधायक और मंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया था। ऐसे में, चुनाव की तल्खी के बीच इस तरह की मुलाकात और सम्मानजनक व्यवहार ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बटोरी है।
विस्तारFollow Usमथुरा बाईपास स्थित गोलपुरा मोड़ के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। हादसे में श्रद्धालुओं से भरी ईको कार को सामने से डिवाइडर तोड़कर आई तेज रफ्तार थार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनमें से एक को डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया है।
फ्री पैसे, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Thu, 06 Nov 2025 02:47 PM IST
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कलेक्ट डिपॉजिट, विस्तारFollow Usजोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।







