प्लेटिनम इनवाइट
कम्पलीट
रजिस्टर ट्रांसफर, Inc
स्टूडेंट लॉग इन
💢वीआईपी स्टूडेंट💢बलिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी का जन्मदिन सोमवार को कांग्रेस कार्यालय परिसर में मनाया गया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने केक काटकर उनकी दीर्घायु की कामना की। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि प्रियंका गांधी के कंधे पर कांग्रेस का पूरा भविष्य टिका हुआ है। हम कांग्रेस जन उनकी ओर विश्वास भरी नजरों से देख रहे हैं। प्रियंका गांधी के संसद में दिए गए भाषण से पूरा सत्ता पक्ष असहज महसूस कर रहा है। कहा कि आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हम सरकार बनाने जा रहे हैं। इस मौके दिग्विजय सिंह, सच्चिदानंद तिवारी, राजेन्द्र चौधरी, सत्य प्रकाश मुन्ना उपाध्याय, संतोष चौबे रहे।
️कलेक्ट पॉइंट्स,सारबलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बार नवापारा क्षेत्र के ग्राम हरदी में मंगलवार सुबह चार हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, करीब 15 फीट गहरे कुएं में गिर गए। बताया जा रहा है कि अंधेरे और फिसलन भरे रास्ते के कारण यह हादसा हुआ।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
रजिस्टर इनाम,
कुमारगंज। लगातार हो रही साइबर ठगी से पुलिस भी परेशान है। इसे लेकर रविवार को थानाध्यक्ष ओम प्रकाश ने जनसेवा केंद्र संचालकों एवं थाने के साइबर सेल वॉलेंटियर के साथ जागरूकता बैठक की। बैठक में ठगी से बचने के उपाय सुझाए गए।
सारमहाराष्ट्र की राजनीति में ‘ठाकरे’ नाम केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि एक विशिष्ट राजनीतिक सोच, पहचान और प्रभाव का प्रतीक रहा है। दशकों से यह नाम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:43 PM IST
अतिरिक्त ऑफर, 73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
छोटा कलेक्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोहPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Mon, 27 Oct 2025 08:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 09:43 PM IST
ईज़ी कैश, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त







