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💢डिपॉजिट गेम💢विस्तारFollow Usअलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्कूल के सत्र 2026-27 में कक्षा एक, कक्षा छह और कक्षा नौ में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक है। लेट फाइन के साथ 22 फरवरी तक आवेदन स्वीकृत किए जाएंगे।
️दैनिक कलेक्ट,सीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड बैंक भोपाल के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई नाबार्ड भोपाल के डीजीएम नंदू जे नायक की शिकायत पर की गई। मामले में सेंधवा के निमाड़ एग्रो पार्क के संचालक अर्पित कुमार तायल, निकुंज तायल, अशोक कुमार तायल और अंकित कुमार तायल आरोपी हैं।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
ऑनलाइन अर्न, विस्तारFollow Usकटंगी में रिटायर कर्मचारी और उनकी पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि परिवार के ही दो लोगों ने की। ये दोनों दंपती के भतीजा और पोता हैं। दोनों पर चार लाख रुपए का कर्ज था और सट्टे की लत में पैसा डूब गया था। पुलिस ने दुलीचंद हाके (41) और सचिन हाके (27) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.85 लाख नकद और ज्वेलरी बरामद की गई है। मुख्य साजिश सचिन ने रची थी। बता दें कि 7 अक्टूबर की सुबह कटंगी वार्ड नंबर 2 में रिटायर्ड सिंचाई विभाग कर्मचारी रमेश हाके उनकी पत्नी पुष्पकला खून से लथपथ मिले थे। दूध वाला आया तो घटना का पता चला था।
विस्तारFollow Usराजस्थान के बाड़मेर जिले में कड़ाके की सर्दी के बावजूद पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शिव विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पानी की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे और जलदाय विभाग कार्यालय में अधिकारियों के सामने धरने पर बैठ गए।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 11:22 PM IST
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सारसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक में बुधवार को कोदो कुटकी का पेज पीने से तीन लोग बेहोश हो गए जिन्हें उपचार के लिए चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर है।
कूपन फ्री, जिला चिकित्सालय अनूपपुर में एक तरफ चोरियां हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की तस्वरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसकी वजह से चोरी करने वालों की पहचान नहीं हो पा रही है। कैमरे की फुटेज काफी धुंधली और अस्पष्ट होने के कारण पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा पा रही है।







