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️इनाम डिपॉजिट,श्रावण मास के अंतिम सोमवार को बाबा बैजनाथ शहरवासियों को दर्शन देने चांदी की पालकी में सवार होकर शाही ठाठ के साथ निकलेंगे। शाही सवारी के दिन तड़के तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे। 3.30 बजे तक गर्भ गृह सफाई होगी। 3.30 से 4.00 बजे तक बाबा बैजनाथ का पंचामृत स्नान होगा। 4ः30 से 5ः00 के मध्य ब्रह्ममुहूर्त आरती होगी। 5.00 से 7.30 बजे तक गर्भ गृह में बाबा बैजनाथ के दर्शन एवं पूजन कर सकेंगे। इसके पश्चात् गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बाहर से ही दर्शन की व्यवस्था रहेगी। दोपहर 12ः30 बजे गर्भगृह में बाबा बैजनाथ का पूजन एवं आरती होगी। 1:00 से 1:15 बजे तक बाबा बैजनाथ को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। 1:15 से 1:30 के मध्य बाबा बैजनाथ चांदी की पालकी में सवार होंगे।
जिले के शाहाबाद कस्बे में मंगलवार दोपहर फोर लेन हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें केलवाड़ा और बारां जिला अस्पताल रैफर किया गया है।
सिल्वर डिपॉजिट,
RPSC डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा) परीक्षा 11 जनवरी को
विस्तारFollow Usमंटोला नाला की टैपिंग के लिए शाहजहां गार्डन से पुरानी मंडी तक डाली जा रही सीवर लाइन के लिए किए गए ट्रैफिक डायवर्जन का बोझ माल रोड नहीं झेल पा रही है। सेामवार को भी सुबह दस बजे से देर शाम तक माल रोड पर वाहन रेंगते रहे। ताजमहल और किला घूमने आए पर्यटकों के साथ क्षेत्रीय लोग जाम में फंसने से परेशान रहे। यातायात पुलिस के इंतजाम फेल नजर आए। फतेहाबाद रोड पर निर्माण कार्य के चलते वाहनों की कतारें लगी रहीं।
मेगा पॉइंट्स, मकर संक्रांति का पर्व, जो पारंपरिक रूप से खिचड़ी के बिना अधूरा सा लगता है, इस वर्ष एक विशेष संयोग के कारण अपने पारंपरिक स्वरूप में नहीं मनाया जा सकेगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ-साथ षटतिला एकादशी का भी पर्व पड़ रहा है, जो 19 वर्षों बाद ऐसा संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल से बनी किसी भी सामग्री का सेवन वर्जित होता है।
सिल्वर कलेक्ट
बाराबंकी। श्रीराम वन कुटीर आश्रम हड़ियाकोल में रविवार शाम आयोजित जागरूकता शिविर में लोहिया संस्थान, लखनऊ के विशेषज्ञों ने लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति सचेत किया। जनरल सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. एसके भट्ट ने कहा कि बार-बार पेशाब आना या खुलकर न होना कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर इलाज कराएं।
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