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️कम्पलीट फ्रेंड्स,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:08 AM IST
विस्तारFollow Usएनटीपीसी कहलगांव स्थित अंग भवन में शनिवार को समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मिशन के तहत देश के तमाम तापीय विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यशाला में समर्थ मिशन के निदेशक रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बायोमास को-फायरिंग नीति के तहत देश के ऊर्जा संयंत्रों में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन संभव है। इस मिशन के अंतर्गत देश के सभी विद्युत परियोजनाओं में इसका प्रयोग किया जा रहा है।
डायमंड डिस्काउंट, सारमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उसने महात्मा गांधी और भगवान श्रीराम के नाम का राजनीतिक लाभ उठाया, जबकि भाजपा वीबी-जी रामजी योजना से ग्राम और मजदूरों को सशक्त बना रही है। योजना के तहत स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार और विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
सारपश्चिमी हिमालय में 15 जनवरी से सक्रिय हो रहे मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर दिखने लगा है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में तेज ठंड और मध्यम कोहरा बना हुआ है। अगले 2-3 दिन में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में मावठा गिरने की संभावना है।
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350 रुपए की उधारी पर हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
वेरिफाई, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 24 Nov 2025 09:57 PM IST
ऑफर सब्सक्राइब चरखी दादरी। जिले में शामलात भूमि पर वर्षों से बने मकानों में रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर बने अवैध मकानों के नियमितीकरण के लिए पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है।
चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
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