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💢नया विन💢विस्तारFollow Usराजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने बुधवार को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से संबंधित साक्षात्कारों का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा–2024 के तृतीय चरण के साक्षात्कार 5 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।
️नया कमेंट,सारबालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सली डंप का खुलासा किया। 13 सरेंडर नक्सलियों की सूचना पर सर्च ऑपरेशन में 11.57 लाख नकद, आधुनिक हथियार, विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुआ, जो जिले में पहली बड़ी नकदी जब्ती है।
रिसीव क्लिक, सुखपुरा कस्बा स्थित बुढ़वा शिव मंदिर में हुई चोरी की पर्दाफाश न होने के विरोध व्यापारियों द्व
विस्तारFollow Usकाम नहीं करने पर डांट खाने से नाराज बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से बांस के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना मलाजखंड थाना क्षेत्र के भड़गांव गांव की है। वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:27 PM IST
बाह में चोरी की बाइक के साथ फिरोजाबाद के जसराना क्षेत्र के दो युवक गिरफ्तार
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कमेंट विस्तारFollow Usमंटोला नाला की टैपिंग के लिए शाहजहां गार्डन से पुरानी मंडी तक डाली जा रही सीवर लाइन के लिए किए गए ट्रैफिक डायवर्जन का बोझ माल रोड नहीं झेल पा रही है। सेामवार को भी सुबह दस बजे से देर शाम तक माल रोड पर वाहन रेंगते रहे। ताजमहल और किला घूमने आए पर्यटकों के साथ क्षेत्रीय लोग जाम में फंसने से परेशान रहे। यातायात पुलिस के इंतजाम फेल नजर आए। फतेहाबाद रोड पर निर्माण कार्य के चलते वाहनों की कतारें लगी रहीं।
मोबाइल, विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।







