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💢टास्क स्टूडेंट💢सारBihar Accident:मां ने बताया कि सर्वजीत पानी मांगते हुए बार-बार उनसे पास में रहने की गुजारिश करता रहा। करीब एक घंटे तक उसकी सांसें चलती रहीं, लेकिन अंततः मां की गोद में ही उसकी मौत हो गई।
️गेम फ्रेंड्स,विस्तारFollow Usपंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।- फोटो : अमर उजाला
इनाम डिपॉजिट, सारBhilwara News: भीलवाड़ा जिले में 9 माह के बच्चे की मौत अंधविश्वास का शिकार बनकर हुई। मामूली बीमारी पर इलाज की बजाय भोपा के पास ले जाने पर उसने गर्म सरिए से दाग दिया गया। संक्रमण फैलने से बच्चे की हालत बिगड़ी और तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया।
जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
सारप्रदेश में बारिश न होने से कई जिलों में सूखे जैसे हालात पैदा होने लगे हैं। इससे गेहूं सहित कई अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं की फसल को 15 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
बोनस पॉइंट्स, सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद
कैश
चहनिया । रामगढ़ वाया नादी गांव की सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शनिवार को ग्रामीणों ने पानी खड़े होकर प्रदर्शन किया। रोड नहीं, तो वोट नहीं के नारे लगाए। चुनाव से पहले अगर गांव की रोड की हालत नहीं सुधरी, तो कोई भी नेता ,विधायक, मंत्री को वोट के नाम पर गांव में घुसने नहीं देंगे।
गेट, राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।







