डिस्काउंट साइन अप
नया फ्रेंड्स
अतिरिक्त गेट, Inc
डायमंड स्टूडेंट
💢सिल्वर इनवाइट💢कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️बड़ा ऑनलाइन,ट्रेन शेड्यूल में बदलाव (सांकेतिक तस्वीर)- फोटो : अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेरPublished by:मुंगेर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:18 PM IST
ट्रांसफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 11 Oct 2025 11:38 PM IST
तोशाम। गारनपुरा खुर्द निवासी एक व्यक्ति ने सीसर निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ फॉर्च्यूनर गाड़ी दिलवाने के नाम पर 5 लाख 65 हजार रुपये लेकर वापस न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पांनी की जांच करने पहुंचे जीतू पटवारी- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के बुराहनपुर जिले की खकनार पुलिस को थाना STF भोपाल के वांटेड बदमाशों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। हालांकि इस दौरान पुलिस को कड़ी मशक्कत करना पड़ी। आरोपियों की धर पकड़ के दौरान उनके साथी भी वहां आ पहुंचे और सभी ने पुलिस के साथ ही गुंडागर्दी करते हुए थाना प्रभारी और पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी। हमले में पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। बदमाशों ने वर्दी तक फाड़ी दी। यही नहीं पुलिस के शासकीय वाहन को रुकवाकर, उसकी चाबी निकालकर भागने की कोशिश भी की गई। हालांकि इस दौरान खकनार पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर उनकी इस कोशिश को नाकाम बना दिया।
बोनस कमेंट, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
ऑफर विस्तारFollow Usझीरम घाटी घटना को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें कांग्रेस से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इससे पहले उन्हें प्रवक्ता पद से हटाया जा चुका था।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:28 AM IST
वीडियो शेयर, चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







