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💢विशेष फ्री💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Mon, 17 Nov 2025 09:10 PM IST
️फ्रेंड्स वेरिफाई,संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:34 AM IST
सारAjmer News: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अजमेर दरगाह में दूसरी बार भारत सरकार की ओर से चादर पेश की। 814वें उर्स पर पारंपरिक दस्तारबंदी हुई। उन्होंने अमन, चैन और भाईचारे की दुआ मांगी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
बोनस साइन अप, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Sun, 28 Dec 2025 05:43 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:31 PM IST
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
विस्तारFollow Usबागेश्वर जिले में भले ही अब तक बर्फबारी नहीं हुई हो, लेकिन लोगों को कड़ाके के ठंड का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। कपकोट के पिंडर घाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच रहा है। नलों में पानी जमने लगा है। लोगों को नल से पानी भरने के लिए 10 बजे तक इंतजार करना पड़ रहा है। धूप खिलने के बाद ही नल से लोग पानी भर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 2019 के बाद क्षेत्र में इस तरह की ठंड पड़ रही है।
कम्पलीट लॉग इन, भेटुआ। अमेठी के सरयू शुकुल का पुरवा मजरे भेटुआ गांव निवासी देवमती (75) की रविवार को बेकाबू कार की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस कार्रवाई में जुटी है।
पुराना पॉइंट्स विस्तारFollow Usपंजाब के गांवों और शहरों में घर के आंगन में दहकती लोहड़ी केवल लकड़ियों का अलाव नहीं है। यह उस सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है जिसमें वीरता, विद्रोह, किसान का संघर्ष और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की लौ सदियों से जलती आ रही है।
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