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💢नया कलेक्ट💢विस्तारFollow Usजिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के दो अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत विद्युत कनेक्शन दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
️डायमंड फ्रेंड्स,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जनवरी को शाम 6 बजे भोपाल के वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब, बड़ा तालाब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर शो, आतिशबाजी के साथ ही शेफाली अल्वारेस और दिव्या कुमार की प्रस्तुति भी होगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित हो रहे हैं। भोपाल से एमपी के इस सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ होगा, जिसमें तालाबों की सुंदरता और जल कला का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा।
अल्ट्रा पैसे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:05 AM IST
सारआज सोमवार को बेमेतरा में एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। दो गंभीर रूप से घायल है। एक अज्ञात ट्रक ने छोटा हाथी पिकप को टक्कर मार दी, जिससे ये हादसा हुआ है।
चंडीगढ़। लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़ इकाई ने प्रसिद्ध वास्तुकार आदेश जोशी को संगठन का मानद वास्तु सलाहकार नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति जून 2025 से जून 2027 की अवधि के लिए की गई है।
एम्बाप्पे की इस हरकत पर बवाल हुआ है- फोटो : Twitter
विथड्रॉ फ्रेंड्स,
विथड्रॉ सारउप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली प्री-बजट बैठक में शामिल हुए। उन्होंने मध्यप्रदेश के विकास, बजटीय प्रबंधन और सिंहस्थ-2028 के लिए 20 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग रखी।
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वीडियो, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







