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💢स्टूडेंट💢प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशक (बीएल शर्मा) की पात्रता और उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को रिट ए में बदल दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की पात्रता के खिलाफ जनहित याचिका स्वीकार्य नहीं है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने दिया है।
️अर्न साइन अप,विस्तारFollow Usअजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में चल रहे उर्स मेले में जायरीन के मोबाइल और जेब साफ करने वाली गैंग का दरगाह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने महाराष्ट्र के मालेगांव और नासिक से जुड़े इस गिरोह के 8 बदमाशों को पकड़ा और उनके पास से करीब 25 लाख रुपये कीमत के 54 मोबाइल फोन बरामद किए। ये लोग मेले की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी कर रहे थे।
माघ मेला क्षेत्र में मुख्य स्नान पर्व पर शहर के बाहर 12 प्रमुख नो-एंट्री प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। जिनमें मंदर मोड़, थाना परेडी गेट, पुलिस चौकी बमरौली, सहसो चौराहा, हबूसा मोड़, सोरांव बाइपास, नवाबगंज बाइपास, मलाक हरहर चौराहा, टीपी नगर कटरा, रामपुर चौराहा, गौहनिया घरपुर और 40 नंबर गुमटी शामिल हैं।
रिवॉर्ड्स, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:09 PM IST
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अजमेर में विश्वविख्यात सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह में आयोजित 814वें सालाना उर्स के अवसर पर गद्दीनशीन एवं चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने देश-दुनिया को अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने उर्स की मुबारकबाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक 140 करोड़ देशवासियों को पेश की।
ऑनलाइन इंस्टेंट, फरीदपुर। नगर पालिका परिषद फरीदपुर में प्रत्येक माह बोर्ड की बैठक न होने से नाराज सभासदों ने सोमवार को नगर पालिका में बैठक की। उन्होंने नाराजगी जताते हुए बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग की। वहीं, सभासदों ने कहा कि कस्बे के विकास के लिए तमाम कार्य है। उनका प्रस्ताव करके करना चाहिए, जिससे नगर में विकास हो सके।
छोटा रिवॉर्ड्स
विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
अतिरिक्त डिस्काउंट, आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राएं और कॉलेज में लगे हुए पोस्टर







