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💢वीआईपी वॉच💢लॉर्ड्स बालाजी क्रिकेट ग्राउंड आयोजित मैच में ट्रॉफी के साथ विजेता टीम।
️मोबाइल सब्सक्राइब,विस्तारFollow Usबालोद जिले के डौंडीलोहारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा शिक्षक प्राचार्य के साथ काम नहीं करना चाह रहे, प्रशासन से लेकर मंत्री तक मामले की शिकायत हो चुकी है महिला शिक्षकों ने अभद्रता का आरोप लगाया है तो वहीं दूसरे तरफ 22 एकड़ के कैंपस की सफाई बच्चों से कराने का आरोप शिक्षक लगा रहे है। दरअसल मामला तब गरमाने लगा जब शिक्षकों का पैसा संस्था प्रमुख द्वारा काट लिया गया शिक्षक कह रहे की प्रशासनिक अनुमति है शनिवार अवकाश की तो संस्था प्रमुख ने कहा कि मुझे अब तक कोई आदेश नहीं मिला है वहीं एक शिक्षक ने तो प्राचार्य के वजह से आत्महत्या तक कर लेने की बात कही।
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अमरोहा। सुरक्षा के दावों में कोई अफसर पीछे नहीं है। एक से बढ़कर एक निर्देश जारी करके हर आम और खास को यह अहसास कराया जाता है कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस आपकी निगरानी और हिफाजत के लिए मुस्तैद है। पुलिस की मुस्तैदी का सच रविवार को सरेराह न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की कार से खींचकर हत्या करने से ही सामने आ गया। मृतक के भतीजे सलमान ने बताया था कि हमलावरों ने आधा घंटे तक खुली गुंडई की। वारदात के प्रत्यक्षदर्शी रहे आसपास के लोगों ने घटना के बाद ही सवाल उठाया था कि उस दौरान पुलिस की कोई गाड़ी या बाइक भी आसपास से नहीं गुजरी। मदद को आए लोगों की सूचना पर 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची थी।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
विस्तारFollow Usआगरा के थाना एकता के नौफरी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। महिला के पति और ससुरालीजन शव छोड़कर भाग गए। पड़ोसियों ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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ऑनलाइन इंस्टेंट सारमास्टरमाइंड मोहसीन खान को गिरफ्तार किया गया, जो 2011 से VPN की मदद से आधार मशीन की लोकेशन छिपाकर अवैध रूप से अपडेशन कर रहा था। वह अधिकृत ऑपरेटरों के फर्जी बायोमेट्रिक बनाकर सिस्टम तक पहुंच हासिल करता था।
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
गेट, पांच हजार का इनामी बदमाश राहुल गिरफ्तार- फोटो : अमर उजाला







