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️सिल्वर फ्रेंड्स,विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)Published by:निवेदिता वर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:58 PM IST
साप्ताहिक कमेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:37 AM IST
विस्तारFollow Usराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने सर्पदंश के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट और एम्स जोधपुर की संयुक्त टीम ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार करने में कामयाबी पाई है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जो अक्सर एलर्जी और गंभीर रिएक्शन का कारण बनता है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:प्रिया वर्माUpdated Tue, 23 Dec 2025 01:19 PM IST
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा किया है। भैंसदेही थाना क्षेत्र में मिले युवक के शव के पीछे उसकी पूर्व पत्नी की साजिश सामने आई है। पुलिस ने महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शेयर ऑफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Fri, 19 Dec 2025 03:49 PM IST
डिपॉजिट बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र में चर्चित सूफियान हत्याकांड में पुलिस ने सोमवार को घटना में संलिप्त तीन और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो डंडे और एक लोहे की सरिया बरामद की गई है। इस मामले में तीन आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि तीन अन्य अभी भी फरार हैं।
सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
वेरिफाई ऐप, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:52 PM IST







