वॉच लॉग इन
वीआईपी कूपन
इनवाइट कमेंट, Inc
डिस्काउंट
💢ऑफर💢
️पुराना कमेंट,अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:44 AM IST
दादरी की चंपापुरी कॉलोनी स्थित वाटर टेस्टिंग लैब।- फोटो : 1
गेम वेरिफाई, लुधियाना में लूटAmritsarShahdol NewsBihar NewsJalandharरेवाड़ी में पुलिस की बड़ी कार्रवाईChhindwara NewsMP NewsMunger NewsBihar
जिला पंचायत के सभागार में हुई बोर्ड बैठक में मौजूद सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष व अधिकार
सारमौसम विभाग ने आज रेड अलर्ट घोषित किया है वहीं, 14 से लेकर 17 जनवरी तक यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जनवरी तक शीतलहर का अनुमान है। चंडीगढ़ में धुंध की वजह से सोमवार को दो उड़ान बाधित रहीं।
विस्तारFollow Usमकर संक्रांति के पावन पर्व पर आपसी मिठास घोलने के लिए कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय, सदाकत आश्रम में 'दही-चूड़ा भोज' का आयोजन किया गया था। प्रदेश अध्यक्ष के इस न्योते पर कांग्रेस के ही 6 विधायकों की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक न होने के संकेत दे दिए हैं।
कूपन साइन अप, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
विज़िट कमेंट कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारबिलासपुर में आयोजित 23वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज सहित कुल तीन पदक हासिल किए।कलेक्टर ने बधाई दी।
इनाम फ्रेंड्स, विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।







