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💢कमाई💢राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
️इंस्टेंट,बीकानेर में नाल सिविल एयरपोर्ट पर शनिवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के लिए चेक-इन कर रहे एक फ्रांसीसी दंपति के बैग से जानवर की खोपड़ी जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद दोनों पर्यटकों को हिरासत में लिया गया।
बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीPrayagrajUSविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीMaharashtraDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?
टास्क, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sun, 14 Dec 2025 09:58 PM IST
नगर के भूड़ रोड पर भीम वाहिनी के कार्यकर्ताओं को मेरठ जाने से रोकती पुलिस। स्रोत: संगठन
सारBihar News:सट्टेबाजी एप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की 1.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। नेहा शर्मा पर एप के प्रचार और उससे प्राप्त राशि को अवैध तरीके से निवेश करने का आरोप है।
रजिस्टर, Karnal NewsChandigarh NewsMeerut Newsकपसाड़ कांडरामदरबार हत्या केसJhajjar-Bahadurgarh NewsBareilly NewsKaushambi News
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विस्तारFollow Usबीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
सर्वे कमेंट, सारDeaths Due To Cough Syrup: राजस्थान में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंत्री के बयान ने विवाद को और भड़का दिया, जबकि बेनीवाल और विपक्ष ने सरकार को घेरा। जांच जारी है और सरकार पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।







