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💢फ्री टास्क💢विस्तारFollow Usखजुराहो-विश्व पर्यटन नगरी में 11वें अंतरराष्ट्रीय खजुराहो फिल्मोत्सव का शुभारंभ हो गया। समारोह का उद्घाटन शाम साढ़े छह बजे फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने किया। सात दिवसीय फिल्म फेस्टीवल 22 दिसंबर तक चलेगा। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने इस मौके पर कहा कि हम सभी कलाकार जनता से मिली लोकप्रियता के कारण प्रसिद्ध हो पाते हैं, इसलिए हमें हीरो बनाने वाली जनता असली हीरो होती है।
️सब्सक्राइब,विस्तारFollow Usनई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा शामिल हुए। ने मध्यप्रदेश का पक्ष रखा। उन्होंने बैठक में मध्य प्रदेश का पक्ष रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं और प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन लगातार बेहतर हुआ है। देवड़ा ने वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं और उनकी सुविधा के लिए सड़क, घाट, पुल, ठहरने की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं का विकास जरूरी है। इसके लिए पहले ही 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।
मासिक ऐप, घायल बच्चे का अस्पताल में इलाज जारी।- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक दिन पहले यानि 15 नवंबर शनिवार से धान खरीदी शुरू हो गई है। पहले दिन कर्मचारियों के हड़ताल के कारण कई केन्द्र में धान खरीदी नहीं हो सकी है। ऐसे में अब जिला प्रशासन जिले में एस्मा लागू कर दिया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बताया कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान, देरी या लापरवाही बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगी। शासन ने धान खरीदी जैसे अति आवश्यक कार्य को जारी रखने के लिए आवश्यक सेवा संरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया है, जिसके तहत शासन ने सख्त चेतावनी भी जारी की है।
उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sun, 23 Nov 2025 05:48 PM IST
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