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️वीडियो स्टूडेंट,संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:11 PM IST
पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
मोबाइल, छत्तीसगढ़ में मौसम का रुख बदलता नजर आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और समुद्र से आ रही नमी के असर से आने वाले दिनों में भीषण ठंड की तीव्रता कम होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिसका प्रभाव खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ में ज्यादा देखने को मिलेगा।
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में इन दिनों बागेश्वर महाराज श्रीराम कथा के माध्यम से भक्तों को भक्ति-रस का पान करा रहे हैं। कथा के द्वितीय दिवस उन्होंने समाज को झकझोर देने वाले विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। बागेश्वर महाराज ने स्पष्ट किया कि कथाओं से जो धन प्राप्त होता है, उससे मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं। हम सेवा वाला बाबा भी बनना चाहते हैं। अस्पताल इसलिए बनवाते हैं, ताकि किसी भी गरीब को इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए मजबूर न किया जाए। महाराज ने आह्वान करते हुए कहा कि हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन तुम धर्मांतरण मत करो।
सारमौसम विभाग ने आज रेड अलर्ट घोषित किया है वहीं, 14 से लेकर 17 जनवरी तक यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जनवरी तक शीतलहर का अनुमान है। चंडीगढ़ में धुंध की वजह से सोमवार को दो उड़ान बाधित रहीं।
विन इंस्टेंट, विस्तारFollow Usखडूर साहिब के निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जारी तीसरे निरोधक हिरासत आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल की ओर से दायर याचिका में 17 अप्रैल को जारी आदेश को अवैध, मनमाना और मौलिक व सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए हिरासत आदेश जारी करने से संबंधित पूरा रिकॉर्ड तलब कर लिया है।
गोल्ड मोबाइल जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 19 Dec 2025 07:19 PM IST
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