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💢छोटा कलेक्ट💢सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
️कलेक्ट,भीलवाड़ा जिले के सवाईपुर क्षेत्र के सालरिया गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव में चंबल परियोजना की टंकी के पास पानी में एक नवजात बालक का शव उतराता मिला, जिसके साथ गोबर और कचरा भी बह रहा था। ग्रामीणों ने जैसे ही यह मंजर देखा, इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
कमाई सर्वे, गणेश प्रतिमा हटाते लोग। मृतक शशांक (फाइल फोटो)- फोटो : अमर उजाला
ईद-उल-अजहा के अवसर पर बुरहानपुर में आस्था और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जिले की प्रमुख ईदगाहों में एक लाख से अधिक मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की। सबसे बड़ी भीड़ सिंधिबस्ती की शाही ईदगाह में देखी गई, जहां नमाज़ियों की कतारें ईदगाह से लेकर एक किलोमीटर तक सड़कों पर फैली रहीं।
भारत–यूके सैन्य अभ्यास ‘अजेया वारियर–25’- फोटो : अमर उजाला
इनवाइट अर्न, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:09 PM IST
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विस्तारFollow Usबैतूल जिले का दो साल का निहाल धुर्वे अब नहीं रहा। पिता निखिलेश धुर्वे का गला भर आता है, जब वो बताते हैं कि अपने इकलौते बेटे को बचाने के लिए उन्होंने मजदूरी की कमाई से ज्यादा, रिश्तों का भरोसा दांव पर लगा दिया पर किस्मत ने साथ नहीं दिया।
डाउनलोड ईज़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:59 PM IST







