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💢लॉग इन वेरिफाई💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:46 PM IST
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रिवॉर्ड्स, चुवाड़ी के बल्ली में बना आधुनिक सामुदायिक भवन। संवाद
सारBihar News:जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा, सड़क दुर्घटना रोकथाम, शराब और नशा नियंत्रण, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा, साइबर अपराध और यातायात नियमों के पालन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से सुना।
अल्ट्रा कलेक्ट, सारपुलिस ने सुंगल के पास नाकाबंदी के दौरान एक पुलिस और बिजली बोर्ड के कर्मी को 2.85 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 70,500 रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार किया है।
मेगा साइन अप ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा एवं उनकी टीम के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को भिंड जिले की लहार तहसील में अधिवक्ता संघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ता बड़ी संख्या में जमा होकर लहार एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस दौरान ग्वालियर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
चरखी दादरी। पहले मनरेगा योजना में काफी भ्रष्टाचार होता था। जिसकी शिकायतें लगातार मिलती थीं। नई व्यवस्था लागू होने से जहां भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। वहीं वीबी-जी-राम-जी योजना वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र से लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने शनिवार को दादरी में विधायक सुनील सांगवान के निवास स्थान पर पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना नहीं, बल्कि योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इस योजना के कई बार नाम बदले गए हैं।
रजिस्टर डाउनलोड, चरखी दादरी। पहले मनरेगा योजना में काफी भ्रष्टाचार होता था। जिसकी शिकायतें लगातार मिलती थीं। नई व्यवस्था लागू होने से जहां भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। वहीं वीबी-जी-राम-जी योजना वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र से लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने शनिवार को दादरी में विधायक सुनील सांगवान के निवास स्थान पर पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना नहीं, बल्कि योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इस योजना के कई बार नाम बदले गए हैं।







