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💢ट्रांसफर शेयर💢अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंजPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:01 PM IST
️छोटा शेयर,बदायूं। सैदपुर के मोहल्ला महेश चौक के रहने वाले 92 साल के विद्यासागर रस्तोगी का सीना उनके दो बेटों की बेरुखी से पहले से ही छलनी था। उस सीने पर उन्होंने गोली मारकर जख्म को और गहरा करते हुए मोह-माया के बंधन से मुक्ति पा ली। रविवार को उनके शव के पोस्टमॉर्टम से पहले जिला अस्पताल में कराए गए एक्स-रे में 16 छर्रे मिले। इन छर्रों को बड़ी मुश्किल से निकाला जा सका। इसके बाद देर शाम कस्बे में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
इनवाइट डिस्काउंट, राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन (फाइल)- फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
विस्तारFollow Usडीग जिले के कामां थाना क्षेत्र में मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार कर दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। राधा नगरी गांव में एक नाबालिग बेटे ने पैसे लौटाने को लेकर हुए विवाद में अपनी ही मां की लोहे की रॉड से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
दैनिक रिवॉर्ड्स, सारBharatpur Thar-Bike Accident: भरतपुर जिले के नदबई में तेज रफ्तार थार की टक्कर से दंपत्ति और दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने थार में आग लगा दी। पुलिस ने चालक को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया।
विन विन भरतपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय संख्या-2 ने आरोपी मूलचंद मीणा को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी का पुत्र साहब सिंह पहले ही इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। न्यायाधीश सचिन गुप्ता की अदालत ने नौ साल पुराने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:02 PM IST
मासिक लॉग इन, विस्तारFollow Usआज के दौर में जहां युवा पीढ़ी नशे, मोबाइल गेमिंग और असुरक्षित वाहन ड्राइविंग जैसे रास्तों पर भटक रही है, वहीं छतरपुर के एक होनहार युवा मोनू पाठक ने अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल पेश की है। दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित मिस्टर एंड मिस यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में मोनू ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए तीन अलग-अलग श्रेणियों में टॉप-3 (तीसरा स्थान) हासिल कर शहर और अपने परिवार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल मोनू के व्यक्तिगत संघर्ष का परिणाम है, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए एक संदेश भी है, जो खेलों के माध्यम से अपना भविष्य सुनिश्चित करना चाहते हैं।







