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💢विज़िट कम्पलीट💢विस्तारFollow Usबारां जिला कलेक्टर के आधिकारिक ईमेल आईडी पर कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एहतियातन पूरे जिला कलेक्ट्रेट परिसर को तुरंत खाली करवा दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
️वीआईपी साइन अप,Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
लॉग इन कूपन, विस्तारFollow Us'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
नक्सल विरोधी अभियान में बालाघाट पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सरेंडर नक्सलियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर जंगल में छिपाए गए नक्सली डंप का खुलासा हुआ है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 11 लाख 57 हजार 385 रुपये नकद के साथ आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया। जिले में यह पहला मौका है जब किसी नक्सली डंप से इतनी बड़ी नकदी मिली है।
गड़वार। आर्म्स एक्ट मामले में पुलिस ने एक रायफल व चार तमंचे के साथ दो भाईयों विश्वरूप सिंह व चंदन सिंह निवासी सिवान बिहार को लग्जरी वाहन के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों भाई वाहन से थाना क्षेत्र में अवैध हथियार का सौदा करने आए थे।
डायमंड ऐप, सारअपर पुलिस आयुक्त ने अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही कहा कि यदि सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या के लिए अब एसीपी जिम्मेदार होंगे।
नया फ्रेंड्स फोटो-12-शहीद पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेसी। स्रोत, पदाधिकारी- फोटो : एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आप कार्यकर्ता। स्रोत: पार्टी
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:56 AM IST
बड़ा रजिस्टर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







