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️सर्वे डाउनलोड,छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में हत्या का एक मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने लोहे की रॉड से मारकर युवक की हत्या कर दी है। यह मामला साजा थाना क्षेत्र के ग्राम जांता का है।
टास्क बोनस, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:34 PM IST
बदायूं (यूपी) से मां पूर्णागिरि के दर्शन को जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। श्रद्धालु को डोली से भैरव मंदिर तक करीब तीन किलोमीटर लाकर 108 सेवा से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया गया। श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा जताया गया है।
विधायक सुनील सांगवान के आवास पर पत्रकारों से बात करते सांसद धर्मबीर सिंह।- फोटो : 1
पं. खुशीलाल शर्मा शासकी आयुर्वेद संस्थान- फोटो : अमर उजाला
सुपर सब्सक्राइब, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Wed, 17 Dec 2025 08:37 PM IST
सिल्वर पैसे अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 10 Jan 2026 07:27 PM IST
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
डिस्काउंट मोबाइल, विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।







