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️सब्सक्राइब इनाम,बदायूं (यूपी) से मां पूर्णागिरि के दर्शन को जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। श्रद्धालु को डोली से भैरव मंदिर तक करीब तीन किलोमीटर लाकर 108 सेवा से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया गया। श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा जताया गया है।
सारबैतूल के थाना गंज क्षेत्र में हिंदू सम्मेलन के दौरान लगाए गए भगवा झंडे उतारकर जलाने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संदेश दिया है।
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अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:ललित कुमार सिंहUpdated Tue, 06 Jan 2026 10:40 PM IST
EOW ने मांगा अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव का प्रोडक्शन वारंट- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Us1. भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं घोषित करेगी। 2. बिहार चुनाव में जीत के बाद भी भाजपा नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाएगी। 3. नीतीश कुमार बीमार हैं, बिहार के मतदाता उन्हें सीएम नहीं बनाएंगे।- यह तीन बातें पिछले साल, यानी 2025 में विपक्ष ने खूब प्रचारित की थी। यह सब बेकार चला गया तो 2026 की मियाद के साथ यह प्रचारित किया जा रहा है कि वह रिटायर हो जाएंगे। लेकिन, नीतीश कुमार तो अलग मूड में हैं। जवाब तो उन्होंने चुनाव के दौरान भी दिया, जीत के बाद भी। अब नए साल की शुरुआत के साथ और बड़े स्तर पर जवाब देने जमीन पर उतर रहे हैं।
पुराना कमेंट, सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
फ्रेंड्स रिवॉर्ड्स विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:01 AM IST
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