शेयर पॉइंट्स
इंस्टेंट गेट
कमेंट, Inc
लाइक वेरिफाई
💢अर्न पॉइंट्स💢अल्मोड़ा। चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में भाषण के दौरान अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस को इस मामले में शुक्रवार को तहरीर मिली थी। तहरीर में बाड़ी बगीचा अल्मोड़ा निवासी वैभव जोशी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में अंकिता भंडारी प्रकरण में विभिन्न संगठनों की आमसभा हो रही थी। वह भी सभा में अपने दोस्तों के साथ उपस्थित थे। लोग बारी-बारी से भाषण दे रहे थे। तभी एक महिला भाषण देने लगी। भाषण के दौरान उसने कई बातें समाज में द्वेष फैलाने वाली कह दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री को जूता मारने, शराबियों एवं बलात्कारियों जैसे घिनौने शब्दों को ब्राह्मणवाद और मानुवाद से जोड़ दिया। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191 (1) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मामले की विवेचना एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी को सौंपी गई है।
️डिपॉजिट बोनस,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
कम्पलीट, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2026 में दुनिया की शीर्ष 2% विश्वविद्यालयों- फोटो : अमर उजाला
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारबागेश्वर के दाड़िमठौक गांव में घर के भीतर अंगीठी से निकली गैस के कारण एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। प्रभावितों में बच्ची भी शामिल है।
सेवानिवृत लांस नायक हरि दत्त जोशी। फाइल फोटो- फोटो : संवाद
नया अर्न, अमृतसर में प्रदर्शन करते अकाली दल के कार्यकर्ता- फोटो : संवाद
सुपर अर्न विस्तारFollow Usलांजी वनांचल क्षेत्र की कंसुली पंचायत के ग्राम धारमारा में रविवार देर शाम भीषण आग लग गई। आग ने खेत में रखी तीन किसानों की लगभग 17 एकड़ की कटी हुई फसल को पलभर में खाक कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और लोग इसे असामाजिक तत्वों की करतूत मान रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:01 AM IST
मोबाइल फ्रेंड्स, बाराबंकी। निधन के दो साल बाद तक पेंशन लेने का मामला सामने आया है। मृतक के पौत्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी व अपने चाचा पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने दोनों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद पेंशन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।







