लॉग इन कलेक्ट
डिस्काउंट पॉइंट्स
दैनिक गेट, Inc
दैनिक डिस्काउंट
💢बड़ा डिपॉजिट💢बलिया। बांसडीह रोड पुलिस शनिवार को मोटर साइकिल चोरी के मामले में मंटू यादव व सत्या साहनी को गिरफ्तार किया। कब्जे से चोरी की दो बाइक बरामद किया। थाना प्रभारी वंश बहादुर कहा कि उपनिरीक्षक आदर्श श्रीवास्तव टीम के साथ क्षेत्र में तलाशी व गश्त कर रहे थे। उसी दौरान घरौली बाजार के पास दोनों मोटर साइकिल को रोकने का इशारा किया गया तो दोनों मोटर साइकिल वाले भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने कुछ दुर पैरामाउंट तिराहा के पास दोनों बाइक को पकड़ लिया, दूसरे बाइक पर सवार दूसरा व्यक्ति कूद कर भाग गया। पूछताछ में बाइक सवार ने अपना नाम मंटू यादव निवासी गोविन्दपुर थाना करीमुद्दीनपुर गाजीपुर, सत्या साहनी निवासी मनियारी जसांव थाना बांसडीह रोड बताया। पुलिस वालों द्वारा दोनों मोटर साइकिल का कागजात मांगने पर चालक द्वारा कागज दिखाने में असमर्थ रहे और बताया कि हम सब विभिन्न स्थानों से दो पहिया वाहनों की चोरी करते है और नंबर बदलकर इसको बेच देते हैं, दोनों बाइक चोरी की है।
️सब्सक्राइब,पाक सीमा से फेंकी गई हेरोइन पकड़ी गई- फोटो : अमर उजाला
ट्रांसफर कमेंट,
बैतूल जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र में मिले युवक राजू उईके की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। जांच में सामने आया कि पूर्व पत्नी पूनम उईके ने अपने प्रेमी और साथियों संग हत्या की साजिश रची। पुलिस ने महिला सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी गाड़ियां। संवाद
अल्ट्रा पैसे, सिकंदराबाद। दनकौर रोड पर अतिक्रमण को हटाने के लिए पीडब्ल्यूडी के नोटिस के विरोध में दनकौर तिराहे से लेकर नाले तक के व्यापारियों ने विरोध में अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया।
विशेष फ्री 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मासिक रिवॉर्ड्स, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







