Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

सुपर विज़िट

दैनिक फ्री

फ्री

4.9 Version: V5.3.6

कमाई कमेंट, Inc

विशेष क्लिक

💢ऑफर ट्रांसफर💢अंबाला से कालका में शामिल होने पहुंचे यूआरकेयू के पदाधिकारी। प्रवक्ता

️कमेंट,फोटो-12- गोविंदनगर में बनाया जाता नाला। संवाद- फोटो : सांकेतिक

विस्तारFollow Usबलरामपुर-रामानुजगंज जिले के बलरामपुर बस स्टैंड क्षेत्र में ठेला लगाने को लेकर हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। आरोप है कि आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक ने एक ठेला व्यापारी के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

साप्ताहिक फ्रेंड्स,

विस्तारFollow Usराजस्थान के महत्वपूर्ण क्षेत्र बालोतरा से पचपदरा रिफाइनरी तक 11 किलोमीटर नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंज़ूरी प्रदान की गई है। फाइनल लोकेशन सर्वे के कार्य के लिए 33 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह रेल लाइन पचपदरा को बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी। साथ ही क्षेत्र का जोधपुर एवं अहमदाबाद और दिल्ली तथा जयपुर की ओर भी सम्पर्क स्थापित होगा।  यह प्रस्तावित रेल मार्ग इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा । इस नई रेल लाइन के निर्माण से पचपदरा स्थित रिफ़ाइनरी तक रेल मार्ग के माध्यम से पहुंच और सुगम होगी। साथ ही रोज़गार,  व्यापार, कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए नए परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा।  बालोतरा से पचपदरा, 11 किलोमीटर नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) पूरा होने के बाद परियोजना की वित्तीय और तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर कार्य स्वीकृत रेलवे बोर्ड स्वीकृति हेतु प्रेषित की जाएगी।

संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:36 PM IST

डाउनलोड अर्न, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Fri, 07 Nov 2025 07:52 AM IST

अल्ट्रा क्लिक आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।

IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी

इनवाइट डिपॉजिट,

More Similar Apps

See All