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रिसीव कलेक्ट
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️रिसीव,सारAzamgarh News:माफिया अखंड प्रताप सिंह को सजा सुनाई गई है। 19 सितंबर 2019 ने प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन पर कुल 38 मामले पहले से ही दर्ज हैं। पहली एफआईआर 1996 में हुई थी।
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:34 PM IST
कमेंट गेट, हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:07 PM IST
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार को दी 40.89 करोड़ की विकास सौगात- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:52 PM IST
फ्रेंड्स पॉइंट्स, विस्तारFollow Usराजस्थान के नवनिर्मित जिले खैरथल-तिजारा के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित कर्मचारी ने व्यवस्था से तंग आकर विरोध का सबसे चरम रास्ता चुना। जब कलेक्ट्रेट में आम दिनों की तरह कामकाज चल रहा था, एक कर्मचारी अचानक मुख्य द्वार के पास पहुंचा और कड़ाके की ठंड के बावजूद अपने कपड़े उतारकर निर्वस्त्र हो गया।
इंस्टेंट ट्रांसफर विस्तारFollow Usअजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र के लेसवा गांव में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुष्कर रोड पर रात करीब पौने नौ बजे बजरी से भरा एक डंपर चलती बाइक पर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार दो सगे भाई इसकी चपेट में आ गए। हादसे में गोविंदगढ़ निवासी 25 वर्षीय अभिषेक सेन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका 22 वर्षीय छोटा भाई आशीष सेन गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
डिस्काउंट रिवॉर्ड्स, विस्तारFollow Usबालोद जिले को देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन की कमान मिली है, जो कि नौ जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बच्चे इस जंबूरी में पहुंचकर काफी खुश हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें ये उनका दूसरा घर जैसा लग रहा है और समय पर खाना और एक अच्छी व्यवस्था मिल रही है। यहां पर सुवा और डंडा नृत्य के लिए विशेष प्रशिक्षण नौ हजार बच्चों द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्रस्तुति वे आयोजन के दौरान देंगे।







