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💢इनवाइट बोनस💢अल्मोड़ा। सूर्य पर्व मेला समिति की ओर से पौष माह के अंतिम रविवार को विकासखंड हवालबाग के कटारमल स्थित सूर्य मंदिर में 19वां सूर्य पर्व मेला आयोजित हुआ। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
️बोनस डाउनलोड,फोटो-12-शहीद पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेसी। स्रोत, पदाधिकारी- फोटो : एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आप कार्यकर्ता। स्रोत: पार्टी
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बलिया/पंदह। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जनपद के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश का अवसर मिल गया है। सत्र 2026-27 में जिले के 773 निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्री-प्राइमरी और कक्षा एक की सीटों के सापेक्ष 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश कराया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन का पत्र मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:06 AM IST
गुजरात में शराब बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद वहां चोरी-छिपे अवैध शराब की सप्लाई लगातार जारी है। तस्कर इस काम के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां पुलिस ने सेनेटरी नैपकिन के कार्टनों की आड़ में तस्करी कर ले जाई जा रही 50 कार्टन अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कीमत करीब 5 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई है।
मेगा विन, सारछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज से देश के पहले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने किया।
ईज़ी गेम सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
अल्ट्रा वॉच, संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:18 PM IST







