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💢कूपन रिवॉर्ड्स💢डूंगरपुर से बाल श्रम के लिए गुजरात ले जाए जा रहे 22 बाल श्रमिकों को रेलवे पुलिस, चाइल्ड लाइन और एक स्वयंसेवी संस्था ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मुक्त कराया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब चित्तौड़गढ़ से गुजरात के असारवा जाने वाली रेल में सभी बच्चे बैठे थे। मामले में 3 दलालों को हिरासत में लिया गया है।
️मोबाइल,अंबाला सिटी। फेडरेशन ऑफ सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की त्रिमासिक बैठक सोमवार को हुई। इसमें एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हरियाणा से समय देकर पेंशनरों की समस्याएं सुनने की मांग की।
विस्तारFollow Usजिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
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विस्तारFollow Usबालाघाट जिले के मठारी गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक भाई ने अपनी बहन की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। वारदात सोमवार देर रात की है। पुलिस को मंगलवार को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची।
विस्तारFollow Usराजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी और बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को लेकर एक विवाद सोशल मीडिया पर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मामला तब शुरू हुआ जब कॉलेज फीस बढ़ोतरी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर टीना डाबी को ‘रील स्टार’ कहने के आरोप में एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री सहित 4-5 पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। अब विवाद को लेकर बाड़मेर कलेक्टर टीना की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।
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दैनिक रिवॉर्ड्स संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:02 AM IST
उच्च शिक्षा निदेशक का चयन अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है। अब चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2008 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
स्टूडेंट, आगरा। पैर रखने पर आरामदायक एहसास कराना ही आगरा के गलीचे (कारपेट) की खासियत है, लेकिन पारंगत कारीगरों और सब्सिडी की कमी से गलीचा कारोबार दम तोड़ रहा है। इसके बाद अमेरिकी टैरिफ ने कारोबार को और झटका दिया। उद्यमियों का कहना है कि कारीगरों के लिए एडवांस ट्रेनिंग सेंटर, सब्सिडी बढ़ाने और ओडीओपी में शामिल करने से गलीचा कारोबार को गति मिल सकती है।







