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💢सिल्वर कमाई💢बलिया। रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से अपने घर या रिश्तेदार के पास जाने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा में सफर करते हैं तो पहले अपनी जेब में हाथ डाल लिजिए। क्योंकि रात होते ही यहां पर ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमानी भरा किराया वसूलते हैं।
️पैसे साइन अप,विस्तारFollow Usजिले में बीते तीन वर्षों में नाबालिग किशोरियों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक थाने में नाबालिग किशोरियों के लापता और अपहरण होने के दर्जनों मामले हर महीने पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हुए रहते हैं। इसके बाद परिजन और पुलिस दोनों ही इन्हें ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग से इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस की जांच में भी इस बात की पुष्टि अभी तक दर्ज हुए मामलों से हुई है।
भिवाड़ी: ₹32 करोड़ का ड्रग्स जब्त।- फोटो : अमर उजाला
विथड्रॉ डाउनलोड, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
बागपत। शहर के चमरावल रोड स्थित सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय किड्स खेल प्रतियोगिता कराई गई्र, जहां विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) अगले सप्ताह से अधिकतम गति (90 किमी. प्रति घंटा) से मेट्रो के ट्रायल करेगा। सिग्नल, ट्रैकिंग, पावर सिस्टम के बाद अंत में डमी यात्रियों के साथ ट्रायल होगा। इसके बाद अप्रैल से मेट्रो आरबीएस स्टेशन तक चलने लगेगी।
प्लेटिनम इनाम, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:35 PM IST
विज़िट मोबाइल अल्मोड़ा। साप्ताहिक बंदी के बाद खुले अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी। ओपीडी में उपचार के लिए सोमवार को 901 मरीज पहुंचे। दवा वितरण कक्ष, पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सक कक्ष तक मरीजों की भीड़ रही। मरीजों को कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
एक ही परिवार में दो मौतों से बेहाल परिजन व ग्रामीण।- फोटो : amar ujala
साप्ताहिक इनवाइट, गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:39 AM IST







