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💢विशेष रजिस्टर💢चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST
️फ्रेंड्स कम्पलीट,संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:43 PM IST
चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह में किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह और आशाओं के साथ इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
डाउनलोड कूपन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Fri, 03 Oct 2025 08:12 PM IST
सारठगों ने नई सिम लेने, परिवार से दूरी बनाने और एफडी व बैंक खाते के 73 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। पीड़ित आरटीजीएस कराने ही वाले थे कि परिजनों की सतर्कता और पुलिस की समय पर कार्रवाई से उन्हें होटल से सुरक्षित निकाला गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांकाPublished by:भागलपुर ब्यूरोUpdated Sun, 21 Dec 2025 07:35 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:48 PM IST
स्टूडेंट, विस्तारFollow Usछतरपुर जिला जेल में 22 वर्षीय आजीवन कारावास के कैदी ने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी शंकर प्रजापति को 376 पॉक्सो एक्ट के तहत घटना से महज 24 घंटे पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सजा से आहत होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया, जिससे जेल परिसर में हड़कंप मच गया।
प्रीमियम गेट चंडीगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह वार्षिक पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के अमूल्य योगदान व निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर की जाती है।
सारपं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के 90दिन के शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक काढ़े से 73% किडनी स्टोन मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिली। अध्ययन में 10 मिमी से कम पथरी वाले मरीजों को विशेष काढ़ा दिया गया, जिससे पथरी का आकार कम हुआ या बाहर निकल गई। शोध आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है और यह सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हुआ।
इंस्टेंट ऑनलाइन, सारबीजापुर में रानीबोदली का नाम सुनते ही आज भी लोगों की रूह कांप उठती है। 15 मार्च 2007 को माओवादियों द्वारा रानीबोदली में किया गया खूनी हमला देश कभी नहीं भूल सकता, जिसमें 55 जवान शहीद हुए थे और 25 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे।







