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💢लाइक पॉइंट्स💢विस्तारFollow Usबस स्टैंड छतरपुर के पास स्थित मस्जिद की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के टेंट में आग लगाकर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव, जिला छतरपुर के न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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नगर के भूड़ रोड पर भीम वाहिनी के कार्यकर्ताओं को मेरठ जाने से रोकती पुलिस। स्रोत: संगठन
वीडियो, जालंधर/अमृतसर।न्यूजीलैंड में सिखों के नगर कीर्तन को एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। 20 दिनों में यह दूसरी बार है जब सिखों के धार्मिक उत्सव को बाधित किया गया। इस बार डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी और उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हाका डांस किया और नारे लगाए। उन्होंने कहा कि ये किसकी गलियां हैं? ये गलियां हमारी हैं। सरेआम तलवारें और झंडे लहराने की इजाजत किसने दी। हम अपनी संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देंगे।
कुमार जितेंद्र ज्योतिUpdated Tue, 13 Jan 2026 04:01 AM IST
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वॉच गेट, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
प्लेटिनम कमेंट सारBhind Accident:हादसे के बाद श्वेता की छोटी बहन रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और श्वेता का शव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
विस्तारFollow Usराजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।
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