बड़ा टास्क
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कैश, Inc
लाइक
💢फ्रेंड्स💢टेंडर पॉम हॉस्पिटल लखनऊ के डॅक्टर व अन्य।- फोटो : Tender Palm Hospital
️रजिस्टर,आगरा के थाना एकता के नौफरी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। महिला के पति और ससुरालीजन शव छोड़कर भाग गए। पड़ोसियों ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल
क्लिक रिवॉर्ड्स, अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 25 Oct 2025 05:13 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:15 AM IST
मिनी मैराथन में 1500 धावकों ने दिखाया दम, विजेताओं को पुरस्कृत किया गया
रिवॉर्ड्स, कड़ाके की ठंड के चलते निजी विद्यालयों में अवकाश खत्म गए हैं। 12 जनवरी से विद्यालय खुलेंगे। हालांकि, परिषदीय विद्यालयों में 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा। अलीगढ़ शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है।
इनवाइट अंबाला सिटी। फसल अवशेष प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट, नवाचारपूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य के लिए कृषि विभाग अंबाला को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले में खेतों में आग की घटनाओं में अभूतपूर्व कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी रणनीति अपनाने के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार बीते दिनों नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। सम्मान डाॅ. जसविंद्र सिंह, डॉ. राजेश अग्रवाल, करण सिंह, प्रवीन, दीनदयाल शर्मा व मनदीप सिंह ने प्राप्त किया। फसल अवशेष प्रबंधन के अंतर्गत अपनाई गई योजनाबद्ध, डेटा आधारित और फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी वाली कार्यप्रणाली के कारण जिले में खेतों में आग की घटनाओं में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2023 में जहां 195 फायर घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं 2024 में यह 99 रह गईं। वर्ष 2025 में पूरे अंबाला जिले में केवल 8 फायर घटनाएं दर्ज की गईं। संवादकृषि विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड मिला। सूचना विभाग
इंस्टेंट ऑनलाइन, दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।







