प्रीमियम कैश
अतिरिक्त कलेक्ट
ऑफर, Inc
कम्पलीट डिस्काउंट
💢अर्न फ्रेंड्स💢
️सिल्वर बोनस,सारTiger Breaking News:पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन रामगढ़ विषधारी में अनुकूलन चरण में है। सब ठीक रहा तो एक सप्ताह में उसे खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
विस्तारFollow Usपुलिस ने एटीएम में तोड़फोड़ कर चोरी का प्रयास करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा थाना बेमेतरा, नवागढ़ व दाढ़ी के तीन प्रकरण में एटीएम मशीन को गैस कटर से काटकर चोरी करने का प्रयास किया है। आरोपी का नाम पुखराज साहू पिता गोपी राम साहू उम्र 21, निवासी ग्राम खाम्ही, थाना नवागढ़, जिला बेमेतरा है। डीएसपी कौशिल्या साहू ने बताया कि इस वारदात के बाद तीनों थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
वीडियो कम्पलीट,
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और देश के भूतपूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव परेशान हैं। दुखी हैं। चौतरफा परेशानी में हैं। हमेशा 'फैमिली मैन' रहे लालू प्रसाद यादव परिवार के कारण ही परेशान हैं। एक तो बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की हसरत पूरी नहीं हुई और दूसरी तरफ पार्टी की करारी हार के साथ परिवार में उपद्रव मच गया। खुद बड़े बेटे को दूर किया था, अब छोटा बेटा दूर-दूर कर विदेश यात्रा पर निकल गया। रही-सही कसर किडनी दान कर जीवन बचाने वाली बेटी रोहिणी आचार्य की बातें टीस दे रहीं। करें तो क्या? राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष की परेशानी सिर्फ दूर से दिखने वाली ही नहीं, अंदर से समझने वाली भी है। हर एंगल को समझा रही है यह स्टोरी।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:08 PM IST
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सुपर क्लिक,
विथड्रॉ टास्क विस्तारFollow Usबिहार में इन दिनों सर्दी का सितम लगातार जारी है। बीते कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात को देखते हुए राज्य के लगभग सभी जिलों में जिलाधिकारियों ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव करने और छोटे बच्चों की कक्षाएं बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
अतिरिक्त ट्रांसफर, चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







