पुराना वेरिफाई
गेट
कूपन डिपॉजिट, Inc
साइन अप
💢कैश💢
️प्लेटिनम रजिस्टर,संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:41 PM IST
अतिरिक्त वेरिफाई, विस्तारFollow Usएम्स बिलासपुर ने एम्स नई दिल्ली के लिए रेफरल प्रणाली लागू कर दी है। गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को बिना किसी औपचारिकता के सीधे दिल्ली एम्स में इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अभी प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जब सुपर स्पेशियलिटी इलाज के लिए दिल्ली एम्स भेजा जाता है, तो उन्हें वहां पहुंचकर पंजीकरण, ओपीडी स्लॉट और इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। एम्स बिलासपुर प्रशासन के अनुसार फिलहाल संस्थान में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी जैसी कुछ सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं पूरी तरह शुरू नहीं हुई हैं।
भदोही। मूंसीलाटपुर में सोमवार को बिजली कनेक्शन काटने गई बिजली निगम की टीम के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की। घटना से नाराज बिजली कर्मचारियों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कलेक्ट फ्री, T20 WCविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'
वॉच अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Thu, 11 Dec 2025 09:53 PM IST
TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
मेगा मोबाइल, आज शुक्रवार को बेमेतरा जिले के कठिया गांव में छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल समेत जिले के जनप्रतिनिधि मौजदू थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बांस के महत्व, इसके आर्थिक लाभ तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांस को घास की श्रेणी में शामिल करने के ऐतिहासिक फैसले ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।







