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💢मासिक डाउनलोड💢सारछतरपुर बस स्टैंड के पास मस्जिद की सुरक्षा में लगे पुलिस टेंट में आग लगाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी धनीराम आदिवासी को दोषी ठहराया। उसे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर पांच वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
️सुपर फ्रेंड्स,अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।Published by:अमन विश्वकर्माUpdated Fri, 09 Jan 2026 08:45 PM IST
इस्लामनगर। हरियाणा और पंजाब से तस्करी कर लोडर पिकअप वाहन से लाई जा रही सौ पेटी देशी अवैध शराब पुलिस ने पकड़ ली। इस मामले में पुलिस ने चार तस्करों के अलावा एक थार वाहन भी पकड़ा है। इस्लामनगर थाने पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
कमाई लॉग इन, सारघटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हर्ष फायरिंग करने वालों में अरविंद गुर्जर शामिल है, जो मुरैना जिला की बड़बारी पंचायत के सरपंच राजवीर गुर्जर का बेटा है।
छतरपुर में अधिवक्ता संघ चुनाव परिणाम घोषित, 323 वोट के साथ शिवप्रताप सिंह अध्यक्ष बने।
विस्तारFollow Usअबोहर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान लवप्रीत (28) निवासी राजपुरा (पटियाला) के रूप में हुई है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/बाड़मेर/भरतपुर/अलवर/सिरोहीPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 11 Nov 2025 07:47 PM IST
विज़िट विथड्रॉ, बीजापुर के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के गगनपल्ली मुरकीपार के जंगल पहाड़ी इलाके में शनिवार की सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो इनामी माओवादियों को मार गिराया गया। सुरक्षा बलों ने मौके से उनके शवों के साथ हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। इस घटना के बाद से इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
लाइक कैश मुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बुजुर्ग महिलाओं को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है, जिससे वे राशन प्राप्त करने से वंचित हैं। 70 वर्षीय बैगा आदिवासी महिला सहबीन बैगा और सूरजा बाई को मृत माने जाने के कारण पिछले चार महीनों से राशन नहीं मिल पा रहा है।
विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
बड़ा बोनस, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:48 AM IST







