सिल्वर विन
वेरिफाई
विन, Inc
पॉइंट्स
💢कलेक्ट💢अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 05 Dec 2025 08:15 PM IST
️गेम इनाम,संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:41 PM IST
अंबेडकरनगर । शहर स्थित अकबरपुर स्टेशन के मखदूमपुर रेलवे क्रासिंग से गुजरती रेलवे लाइन लोगों के लिए मुशीबत बन चुकी है। 24 घंटों में 50 बार रेलवे क्रासिंग बंद होती है और लोगों को घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। जब ट्रेनें गुजरती हैं, तो फाटक बंद हो जाता है और लोग जाम में फंस जाते हैं। इस मार्ग से करीब 150 गांवों के लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता हैं।
कैश ईज़ी, विस्तारFollow Usअल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी में इजाफा हुआ है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, उत्तराखंड ने कॉलेज के विभिन्न विभागों में 28 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की थी। इसमें से विभिन्न विभागों में आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों ने तैनाती ले ली है। इससे जहां मरीजों को राहत मिलेगी वहीं डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी पटरी पर आएगी।
विस्तारFollow Usबेमेतरा पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटना के दौरान मौत और घायलों की संख्या में आई कमी है।
विस्तारFollow Usउत्तर प्रदेश में विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को सुबह नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं मथुरा में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। तराई व पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहा। पूर्वानुमानों के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ गुनगुनी धूप खिली। साथ ही कई जिलों में दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, यूपी के बहराइच जिले से स्कूलों को लेकर अपडेट सामने आया है। अभी स्कूल बंद चल रहे हैं।आइए जानते हैं कब खुलेंगे स्कूल?
अल्ट्रा डिस्काउंट,
गेट कमाई
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
ट्रांसफर, बाजारशुकुल। मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण उसका अहंकार है। जब तक हृदय में मैं और मेरा का भाव रहेगा, तब तक ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। ये बातें व्यौरेमऊ गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन प्रवाचक आचार्य महेशदास मिश्र महाराज ने कहीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया।







