कूपन
डायमंड रिसीव
सर्वे ट्रांसफर, Inc
फ्री टास्क
💢डाउनलोड इनवाइट💢फोटो - 19 मैच के दौरान एक शॉट पर रन के लिए भागते खिलाड़ी। संवाद
️रिवॉर्ड्स,बहराइच। जिले में कुत्तों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अलग-अलग इलाकों में शनिवार को हुए कुत्तों के हमलों में परचून व्यवसायी समेत तीन लोग जख्मी हो गए। चिंता की बात यह है कि कुत्ते सीधे चेहरे पर हमला कर रहे हैं, जिससे घायलों की हालत गंभीर हो जा रही है, उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ रहा है।
ऐप, राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार का नाम अब आधिकारिक रूप से राम परिवार कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय भारतीय संस्कृति और भाषायी शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दरबार शब्द उर्दू मूल का है, जबकि राम मंदिर की संकल्पना पूरी तरह सनातन, भारतीय और लोक परंपराओं से जुड़ी हुई है। इसी भाव के अनुरूप अब इसे राम परिवार के नाम से संबोधित किया जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:00 AM IST
विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंअलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने खुदकुशी करने की कोशिश की। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:38 AM IST
डायमंड कलेक्ट, पोस्टमार्टम के बाद बुजुर्ग का शव उनके पैतृक गांव मेजा के गौरा पौसिया लाई पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। सोमवार को सिरसा के छतवा गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
प्रीमियम स्टूडेंट विस्तारFollow Usराजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने बुधवार को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से संबंधित साक्षात्कारों का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा–2024 के तृतीय चरण के साक्षात्कार 5 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:विजय पुंडीरUpdated Thu, 04 Dec 2025 05:04 PM IST
बड़ा शेयर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







