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💢मेगा कलेक्ट💢आज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
️कलेक्ट लाइक,टनकपुर (चंपावत)। खिरद्वारी के वनराजी जनजाति के लोगाें को सड़क से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए खर्राटाक होकर गंगसीर तक सड़क बनेगी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत विभागीय टीम ने सर्वे कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सात किलोमीटर तक सर्वे पूरा हो गया है। गंगसीर तक सड़क की कुल लंबाई करीब 20 किमी होने की संभावना जताई गई है।
लाइक स्टूडेंट, सारछत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित होने वाली राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी भारी विवादों में घिर गई है। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 5 जनवरी को हुई बैठक की अध्यक्षता कर आयोजन को तत्काल स्थगित करने का निर्णय लिया है।
विस्तारFollow Usबीजापुर में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त डीआरजी बीजापुर में पदस्थ आरक्षक स्व. दिनेश नाग के परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 18 अगस्त 2025 को माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद हुए आरक्षक दिनेश नाग की धर्मपत्नी पूजा नाग को सोमवार को 1.10 करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया गया।
छात्र की हॉस्टल की छत से गिरकर मौत- फोटो : अमर उजाला
डिस्काउंट डिपॉजिट, सर्राफा दुकान से चेन चोरी कर भागे आरोपी को लोगों ने नाले से पकड़ा, घटना CCTV में कैद।- फोटो : अमर उजाला
कूपन भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
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