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💢फ्रेंड्स कम्पलीट💢अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
️नया अर्न,संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:31 AM IST
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कलेक्ट्रेट में बम की तलाश करती पुलिस टीम- फोटो : अमर उजाला
1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
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टास्क डिपॉजिट सरगुजा जिला के अमेरा कोल खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए हैं, सैकड़ों ग्रामीणों ने लाठी डंडे गुलेल और कुल्हाड़ी से लैस होकर पुलिस बल पर हमला कर दिया।ग्रामीणों ने पथराव भी किया जिसमें 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। जवाबी कार्रवाई में आंदोलनरत लगभग एक दर्जन ग्रामीण घायल हुए हैं।
हादसे के बाद बाइक के उड़े परखच्चे- फोटो : अमर उजाला
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