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💢गेट इंस्टेंट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Wed, 31 Dec 2025 11:21 AM IST
️बड़ा कलेक्ट,जिला पंचायत सीईओ के निवास में एसीबी की दबिश- फोटो : अमर उजाला
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ऑफर लॉग इन, चंपावत। जिला अस्पताल में बीते एक वर्ष के दौरान 620 गर्भवतियों के सामान्य और सिजेरियन प्रसव हुए हैं। अस्पताल में पिछले साल से तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ के चलते सामान्य और सिजेरियन प्रसवों की संख्या बढ़ी है।
विस्तारFollow Usजमुई जिले में अपराध की एक और गंभीर घटना सामने आई है। जमुई–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर अगहरा और बरुअट्टा के बीच अज्ञात अपराधियों ने बाजार से घर लौट रहे एक व्यक्ति की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया।
विस्तारFollow Usनशे के बढ़ते कारोबार पर नकेल कसने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने रामानुजगंज में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा ने गुरुवार को एक विशेष अभियान के तहत प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी में लिप्त तीन सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 140 नग 'ओनरेक्स कफ सिरप' भी जब्त किया गया है। यह नगर में नशे के खिलाफ विभाग की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। हाल ही में रामानुजगंज में नशे के सेवन से दो युवाओं की हुई दुखद मौत के बाद आबकारी विभाग द्वारा इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
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कम्पलीट बोनस, - पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने 2026 का विजन साझा किया
साइन अप वीडियो भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
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