सब्सक्राइब
इनाम विथड्रॉ
मेगा ईज़ी, Inc
ईज़ी कैश
💢पॉइंट्स💢बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में ऑडियो वायरल मामले में पूछताछ के बाद आज मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल एसआईटी के सामने जमा कराएंगी। एसआईटी मोबाइल व ऑडियो को जांच के लिए आगे लैब में भेजेगी।
️स्टूडेंट,पहली पत्नी पूनम के एसडीएम छोटूलाल पर गंभीर आरोप- फोटो : अमर उजाला
सारहरियाणा पुलिस की सख्ती का असर दिखने लगा है। साल 2024 की तुलना में 2025 में फिरौती मांगने की वारदातों में 40 फीसदी कमी आई है। इसके अलावा पुलिस ने 9 टारगेटेड मर्डर की बड़ी साजिशों को समय रहते नाकाम करने का दावा किया है।
गेट, विस्तारFollow Usअररिया जिले के फारबिसगंज स्थित शगुन बैंक्विट हॉल में बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार सड़क, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक साथ काम कर रही है।
बुजुर्ग को घर से ले जाती बदायूं एसओजी।- फोटो : वीडियो ग्रैब
सारChandauli News: चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली। धानापुर थाना पुलिस टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी के पास से एक अवैध 315 बोर तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
साप्ताहिक सब्सक्राइब, लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाॅक में ग्राम पंचायत झिरकुनी के सूरी तोक में शहीद नवीन चंद्रा के नाम से बना मोटर मार्ग बदहाल है। इस मार्ग से आवाजाही करने में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रिवॉर्ड्स ऑफर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित होने वाली चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 40 दिन बाद बिहार लौटते ही राजद भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। राजद ने मांग की है कि चौथे चरण में कम से कम एक लाख पदों पर बहाली निकाली जाए।
-लुधियाना में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह, खिलाड़ियों को दी गई बधाई
स्टूडेंट वीडियो, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







