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💢मेगा वेरिफाई💢भिंड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी को इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। कस्बे के ही रहने वाले 24 वर्षीय युवक गौतम सेन ने छात्रा को पहले दोस्ती के झांसे में लिया और लगातार बातचीत शुरू की। उसके बाद बातचीत के दौरान नाबालिग का AI के ज़रिए अश्लील वीडियो बनाया और ब्लेकमेल करने लगा। पीड़िता ने परिजनों को बताया कि उसके बाद पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सुरेश अग्रवाल हमले मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा- फोटो : अमर उजाला
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संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:43 PM IST
सारCough Syrup Deaths in MP:डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं, खासकर कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी। पहले भी निहाल और गर्मित धुर्वे की इसी दवा के सेवन के बाद मौत हो चुकी है।
बीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।
कैश, बदायूं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जिले में एएसडी (अनुपस्थित, मृतक, डबल एवं स्थानांतरित) मतदाताओं की सूची तैयार कर संबंधित बूथों पर उपलब्ध करा दी। रविवार को जिले के सभी 2580 बूथों पर विशेष शिविर आयोजित किए गए। जहां बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने मौके पर उपस्थित मतदाताओं को यह सूची पढ़कर सुनाई और उन्हें सूची देखने का अवसर भी दिया, जिससे नामों में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराया जा सके।
कम्पलीट
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीPublished by:शाहिल शर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:04 PM IST
रिसीव, बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







